Monday, November 5, 2007

ऋग्वेद की चमत्कारी औषधि सोम बूटी को क्या आप पहचानते हैं ?

ऋग्वेद मे अकेले इस एक वनस्पति को देवता का दर्जा दे दिया गया है जहाँ इसकी प्रशंसा मे अनेक छंद कहे गए हैं.इसकी स्तुति मे बताया गया है कि कैसे इसके उपभोग से देवताओं के राजा इन्द्र मे इतनी ताकत जाती है किवे असुरों की बड़ी सेना को परास्त कर देते हैं .सब देवता सोमरस के दीवाने हैं .इसके आकंठ पान के लिए अनुभवीऔर प्रशिक्षित ब्राह्मणों के द्वारा सोम अनुष्ठान का भी विधान वर्णित है ,मजे की बात है कि ईरानी धर्मग्रन्थअवेस्ता मे यही सोम ,होम उच्चारित होता है .हम आज भी होम करते हैं और देवताओं को सोमरस की परम्परा मेकोई पेय अर्पित करते हैं -पंचगव्य आदि .मगर सोमरस वाली बात इसमे कहाँ ? आख़िर हम सोमरस ही आज केहोम आदि अनुष्ठानों मे क्यों अर्पित नही करते ? अरे भाई हमे मालूम तो हो कि यह सोम भला है कौन सी बूटी ? यह संशय रामायण युग मे भी बना रहता है और राम-लक्ष्मन की प्राण रक्षा के लिए हनुमान हिमालय तक जाकरभी सोम जो रामायण मे मृत संजीवनी के नाम से वर्णित है को जब नही पहचान पाते तो पूरा पर्वत ही उखाड़ लातेहैं
मशहूर ब्रितानी लेखक आल्दुअस हक्सले ने अपनी विश्व प्रसिद्ध कृति ब्रेव न्यू वर्ल्ड मे सोम का जमकर उल्लेखकिया है -उपन्यास के पात्र तनाव टालने के लिए दनादन सोमा टैबलेट खाते हैं -मतलब सोमरस की परम्परा मे हीसोम टिकिया भी हक्सले के कल्पना लोक मे चुकी थी .उपन्यास के पढ़ने के साथ ही मैंने भी सोम बूटी कीखोज करीब दो दशक पहले शुरू कर दी थी ,मगर अभी भी कामयाबी नही मिली है .आप मे से क्या कोई मेहरबानीकर मेरी मदद करेंगे?

11 comments:

  1. बहुत बढ़िया जानकारी दी है धन्यवाद

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  2. कोई जानकार ही बता सकता है।...हम भी जानना चाहेगें...संभव हो तो सोम बूटी की तस्वीर भी दे}

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  3. ये तो आपने कमाल की बूटी बताई है। अगर इसके बारे में पता चले, तो प्लीज मुझे जरूर बताइएगा।

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  4. नवीं की एक किताब थी - साइंटिफ़िक बुक कम्पनी, पटना से छपी। उसमें शुरू में ही नभचारी गोली से लेकर ऐसे करामातों जिक्र था। यह भी कुछ वैसी ही लग रही है।

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  5. In TOI (23.12.11) Acharya V Vasudevan hasmentioned about this and I quote," Somlayta: a wonderful herb.Somlata,the king of herbs is an excellent rasayan.It is a rare plant species and has many varities and is found in the Himalaya ranges and western ghats in Kerala.
    The has only 15 leaves;all leaves can be seen on a full moon day. From the next day onwards,the leaves start falling,one leaf each day,until the new moon,when the plant is shorn of all leaves.The cycle then starts again,with one leaf appearing on the plant each day. Its juice-somarasa-is extracted with a gold needle and is used in rituals like Somayajnya and Rasayana treatment.."
    I hope this information may be helpful to those -interested to know about Somalata..CHANDER DHINGRA

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  6. sombuti se bhi bahut hi achchi dabai mere paas hai sabse badi shakti bhi hai isme bolo chaye kiseko .........to suno .dhyan hi sabse badi shakti hai dhyan hi sabse achchi dabai hai dhyan=meditation

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  7. somebuti or somelata orsomepana is rigvedkalin contryliqour indraesko lekardatyun ko pitate hai eskelle trand logon kl jaroorat thee whi susichitbramin the

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  8. Som as per Vedas seems to be large size leaves ,originally seems to occur in Afganisthan , there is some hints that some tribals in Afganisthan uses such drinks even in present days.Som ras was made using jaggery, Cow butter, Fermentation ..Lets research it jointly , i m also keen to find it out ...

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