tag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post2543583387589341586..comments2008-03-10T06:37:31.548-07:00Comments on Science Fiction in India: मनचाही संतानarvind mishrahttp://www.blogger.com/profile/02231261732951391013noreply@blogger.comBlogger5125tag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-41402663436565264482008-03-10T06:37:00.000-07:002008-03-10T06:37:00.000-07:00अरविंद सर जी एक रचनाकार व कलाकार के मानसिक द...अरविंद सर जी <BR/> एक रचनाकार व कलाकार के मानसिक द्वंद को सही उकेरा है निश्चित रूप से आने वाला समय इसी तकनीक का होगा टैब शायद विज्ञापनों की भाषा बदल जायेगी प्रस्तुति के लिए बधाईarun prakashhttp://www.blogger.com/profile/11575067283732765247noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-5954052656922515632008-02-29T07:59:00.000-08:002008-02-29T07:59:00.000-08:00हमेशा की तरह ये कहानी भी मन को छू गई.हमेशा की तरह ये कहानी भी मन को छू गई.zeashan zaidihttp://www.blogger.com/profile/16283045525932472056noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-31232639013290912882008-02-25T19:45:00.000-08:002008-02-25T19:45:00.000-08:00पढ़ कर मजा आया।पढ़ कर मजा आया।उन्मुक्तhttp://www.blogger.com/profile/13491328318886369401noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-37941515466245899932008-02-24T21:13:00.000-08:002008-02-24T21:13:00.000-08:00"नवनीत" के बाद इस कहानी को यहां देखना अच्छा लगा। इ..."नवनीत" के बाद इस कहानी को यहां देखना अच्छा लगा। इस सुन्दर रचना के लिए बहुत-बहुत बधाई।ज़ाकिर अली ‘रजनीश’http://www.blogger.com/profile/03629318327237916782noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-66717086929154217992008-02-21T06:59:00.000-08:002008-02-21T06:59:00.000-08:00यह तो विज्ञान कथा है, पर मैं इसे अपने सन्दर्भ में ...यह तो विज्ञान कथा है, पर मैं इसे अपने सन्दर्भ में ले रहा हूं। शिक्षा से इंजीनियर, पेशे से रेलगाडी का परिचालक, मन माने तो एक कम्प्यूटर, किताबें और एक छोटा कमरा चाहिये। <BR/>मिश्र जी; जीनेटिक्स या उसके बिना, हम जो होना चाहते हैं, उसकी बजाय किसी अन्य फील्ड में काम करना या उत्कृष्टता दिखाना हमारी मजबूरी क्यों हो जाता है?! <BR/>सुन्दर लगी यह रचना। याद रहेगी।Gyandutt Pandeyhttp://www.blogger.com/profile/05293412290435900116noreply@blogger.com