tag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post1912223374377049855..comments2008-02-18T22:34:36.025-08:00Comments on Science Fiction in India: आईये जाने क्या है विज्ञान कथा -समापन किश्त !arvind mishrahttp://www.blogger.com/profile/02231261732951391013noreply@blogger.comBlogger6125tag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-85047817780502201352008-02-18T22:34:00.000-08:002008-02-18T22:34:00.000-08:00लगे हाथ "एक और क्रौंच वध" के सम्बंध में मेरी भी फर...लगे हाथ "एक और क्रौंच वध" के सम्बंध में मेरी भी फरमाइश नोट की जाए। <BR/>इस रोचक लेखमाला के सुरूचिपूर्ण समापन पर हार्दिक बधाई।ज़ाकिर अली ‘रजनीश’http://www.blogger.com/profile/03629318327237916782noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-48847153074978240002008-02-16T09:31:00.000-08:002008-02-16T09:31:00.000-08:00ज्ञान जी ,मैं जरूर पुस्तक अंश प्रस्तुत करूंगा ,अभी...ज्ञान जी ,मैं जरूर पुस्तक अंश प्रस्तुत करूंगा ,अभी उन्मुक्त जी के विज्ञान कथा संबन्धी पोस्ट की प्रतीक्षा है .<BR/>उन्मुक्त जी ,एनीमल फार्म के बारे मे आप से सहमत हूँ ,यह मेनस्ट्रीम का उपन्यास है कुछ लोगों को इसमे विज्ञान कथा जैसा कुछ लगता है -इसकी वह बहु उधृत उक्ति तो याद होगी -आल एनिमल्स आर इक्वल बट सम एनिमल्स आर मोर एक्वल देन अदर्स .....<BR/>अरुण प्रकाश जी ,विषयगत बात तक ही सीमित रहना उपुक्त होगा ,क्रौंच वध जरूर पढायेंगे,सब्र करें <BR/>सभी को धन्यवाद !arvind mishrahttp://www.blogger.com/profile/02231261732951391013noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-49287133454435568802008-02-16T07:54:00.000-08:002008-02-16T07:54:00.000-08:00बहुत अच्छा है आपका प्रयास किंतु बन्धु पीठ दर्द वाल...बहुत अच्छा है आपका प्रयास किंतु बन्धु पीठ दर्द वाले नुस्खे आपने प्रकाशित नही किए जिसके बारे मी आपने काफी सोध कर रखा है was that myth or reality?arun prakashhttp://www.blogger.com/profile/11575067283732765247noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-70223719436533128552008-02-16T07:39:00.000-08:002008-02-16T07:39:00.000-08:00please publish ur short story "KRAUNCH BADH" in th...please publish ur short story "KRAUNCH BADH" in this blog a lot of time has been passed to read.arun prakashhttp://www.blogger.com/profile/11575067283732765247noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-21951538656076819342008-02-16T06:38:00.000-08:002008-02-16T06:38:00.000-08:00मैंने इनमें केवल दो पुस्तकें - फ्रैंकेस्टीन और एनि...मैंने इनमें केवल दो पुस्तकें - फ्रैंकेस्टीन और एनिमल फार्म पढ़ी हैं। फ्रैंकेस्टीन तो विज्ञान कथा है पर मेरे विचार में ऐनिमल फार्म साम्यवाद पर व्यंग (यथार्त) है। इसे विज्ञान कथा कह कर इसके महत्व को कम करना है।उन्मुक्तhttp://www.blogger.com/profile/13491328318886369401noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-3567059361777414839.post-34166193905079666672008-02-16T04:25:00.000-08:002008-02-16T04:25:00.000-08:00रोचक। मैं यह सोच रहा था कि हिन्दी ब्लॉग पाठक को जो...रोचक। मैं यह सोच रहा था कि हिन्दी ब्लॉग पाठक को जो पुस्तकें आपने बताई हैं उनके अंश या उनके कथानक संक्षेपण एक पोस्ट के रूप में प्रस्तुत हों। <BR/>इतना सशक्त है यह विज्ञान कथा साहित्य कि पढ़ने वाला बंध जायेगा।<BR/>और वास्तव में वह बहुत सुन्दर होगा - आज चलने वाली ब्लॉग जगत की "सिद्धान्त बेस्ड किच किच" से कहीं बेहतर!Gyandutt Pandeyhttp://www.blogger.com/profile/05293412290435900116noreply@blogger.com